गुरुवार, 27 सितंबर 2018

पर्यायवाची - “ट-वर्ग”

टेक:- अवलम्ब, अवष्ठंभ, आधार, आलंब, आश्रय, उपघ्प, उपस्तम्भ, धर्त्र, परिवारता, प्रश्रय, भरोसा, श्रय, श्रयण, श्राय, समुपष्टम्भ, सहारा, हस्तावलम्ब

टेढ़ा:- कुटिल, टेढ़ा-मेढ़ा, तिरकस, तिरछा, नम्रांग, कुञ्चित, प्रतिकुञ्चित(?), बलदार, बाँका, बेढंगा, बेडौल, वंक, वंकट, वक्र, वंक्य(वङ्क्य), विभुग्न, व्याभूग्न

टीका:- टिप्पणी(?), ब्यौरा, भाष्य, भाषांतरण, वार्तिक(?), विवृति*, विवेचन, विवरण, वृत्तांत, वृत्ति, व्याख्या
#विवृति { १. भाष्य, टीका, २. प्रकटीकरण }
#विवृत्ति { १. फैलाव, विकास, २. चक्कर खाना, घूमना, ३. विवृत्त होने का भाव }

ठग:- अड़ीमार, छली, जालसाज़, धूर्त, धोखेबाज़, प्रतारक, प्रवंचक, वंचक {चतुर 👆}

ठगी:- प्रतारणा, वंचना, मायाजाल, फ़रेब, चालबाज़ी, धोखेबाज़ी, जालसाजी {👆 }

ठिठोली:- उपहास, चुटकी, चुहलबाजी, ठट्ठा, फबती, परिहास, मजाक, व्यंग्य, व्यंगोक्ति, हंसी, विनोद, प्रमोद, दिल्लगी, ठठोल, हँसी-मज़ाक़ 

डाकिया:- चिट्ठीरसान, डाकवाला, पत्रवाह, पत्र-वाहक, 

डायरी 📔 :- रोजनामचा, दैनिकी, दैनंदिनी, अबारजा, 
# { प्रात्यहिक, आह्वा, प्रतिवासरिक, रोजमर्रा, अन्वाहिक = दैनिक नित्य, प्रतिदिन }

डोरी:- रस्सी, डोर, जीवा, जेवरी, सुतरी, सुतली, तनी, रज्जु, {पाश, बंधन, गुण(?),}

ढाढ़स:- आश्वासन, उत्साह* इतमीनान, ढारस, तशफ्फी, तसकीन, तसल्ली, दिलासा, धीरज, भरोसा*, विश्वास*, सांत्वना, हिम्मत, हौसला

ढीठ:- धृष्ट (तत्सम), अक्खड़, अशिष्ट, असभ्य, अविनीत, उजड्ड, उद्दंड, उद्धत, गुस्ताख़, प्रगल्भ, बदतहज़ीब, बेशरम, बेअदब, शोख, दु:साहसी ( दुस्साहसी ), बदहिम्मत, हियाववाला

ढोंगी:- कपटी, कपटिक, कूटकर्मा ( कूटकर्मन् ), चालबाज़, छली, छलछिद्री / छलछिद्र, डिंभिया, ढकोसलेबाज, दम्भक, दम्भी, पाखंडी, प्रतारक, पात्रेसमित, प्रपंची(प्रपञ्चिन्), फरेबी, बकव्रती( वकव्रतिन् - वक वृत्तिवाला ), बगला भगत, बकध्यानी ( बक + ध्यानिन् ), मक्कार,  बंचक / वंचक, रंगा सियार, सव्याज, सर्वाभिसंधी ( सर्वाभिसन्धिन् ) , हिपोक्रिट

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