‘अ’
अंक:- क्रमांक, नंबर, संख्या
अंक:- चिह्न, छाप, निशान
अंक:- अँकवार, क्रोड, गोद
अंकपाली:- दाई, धायी, धात्री, परिचारिका
अंकुर 🌱 :- अँखुआ, कलिका, कली, कल्ला, कोंपल, गाभ, डाभा
अंकेक्षक:- अंकेक्षा, अक्षपटलिक, बहीखाता जाँचकर्ता, बही परीक्षक, लेखा परीक्षक, संपरीक्षक
अंकेक्षण:- बहीखाता जाँच, बही परीक्षा, लेखा-जाँच, लेखा-परीक्षा, संपरीक्षा,
अंग:- अंश, खंड, टुकड़ा
अंग:- अवयव, उपांश, घटक, भाग, शाखा, हिस्सा
अंगीकरण:- अंगीकार, अपनाना, ग्रहण, परिग्रह, स्वीकरण, स्वीकार, स्वीकृति
अँगूठी 💍:- अंगुलिका, छाप, मुँदरी, मुद्रा, मुद्रिका
अंचल:- अँचरा, आँचल, अंत, पल्ला, पल्लू
अंचल:- किनारा, छोर, सिरा
अंचल:- इलाक़ा, क्षेत्र, प्रदेश
अंजन:- एण्टिमनी, कज्जल, काजर, काजल, दीपसुत, नेत्ररंजन, मषि, मषी, सुरमा
अंजर-पंजर:- कंकाल तंत्र, ठठरी, हड्डियों का ढाँचा
अंजाम:- नतीजा, परिणाम, पूर्ति, फल, समाप्ति
अंजुमन:- जमाव, जलसा, महफ़िल, समारोह, सम्मेलन, सभा
अंटसंट:- अंडबंड, अनाप-सनाप, असंगत, ऊटपटाँग, निरर्थक, व्यर्थ
अंत:करण:- अंतरात्मा, अंतर्घट, अंतर्मन, अंतश्चेतना, मन, हृदय
अंतःसलिला:- सरस्वती नदी
अंत:- आख़ीर, इति, ख़ात्मा, बस, समाप्ति
अंत:- अंचल ( 👆 )
अंत:- अंतगति, निधन, मरण, मृत्यु, मौत, स्वर्गवास
अंत:- अंजाम ( 👆 )
अंत:- नाश, विनाश, प्रलय
अंत-क्रिया:- अंत-कर्म, अंत-गति, अंत्य-कर्म, अंत्य-क्रिया, अंत्येष्टि, अंत्येष्टि-कर्म, दाह-संस्कार, मृतक-कर्म, मृतक-क्रिया
अंतत:- अंत में, अंततोगत्वा, अंतिम रूप से, आख़िरकार, आख़िर में, पीछे
अंतरंग:- अभिन्न, घनिष्ठ, पास, व्यक्तिगत, समीप
अंतर्धान:- अदृश्य, ओझल, ग़ायब, गुम, तिरोहित, लापता, लोप, लुप्त
अंतर्निहित:- अंतर्जात, अंतर्निष्ठ, जन्मजात, निहित, शामिल, समाहित, सम्मिलित, सहज, सहजात
अंतर्निहित:- अव्यक्त, गुप्त, निहित, प्रच्छन्न, समाहित, सुप्त
अंतर:- फ़र्क़, फ़ासला, भेद
अंतरिम:- अल्पकालिक, अस्थायी, बीच का, मध्यवर्ती
अंत्यज:- अंतिम वर्ण का, अंत्यजन्मा, अंत्यजाति, शूद्र
अंत्यज:- अछूत, अंत्यजन्मा, अंत्यजाति, अश्पृश्य, चांडाल
अंत्र:- अँतड़ी, आँत, आंत्र
अंदाज़:- अंदाज़ा, अटकल, अनुमान, आकलन, कूत, प्राक्कलन
अंदाज़न:- अनुमानतः, क़रीब-क़रीब, लगभग
अंदु:- अंदुक, अंदू, नूपुर, पाजेब, पैंजनी, पायल
अंधक:- अंधा, दृष्टिहीन, नेत्रहीन, सूर
अंधकार:- अँधेरा, अंधियारा, तम, तिमिर, तमस
अंधकार:- अज्ञ, अज्ञान, ज्ञानशून्य, ज्ञानहीन
अंधा:- अंधक, चक्षुहीन, दृष्टिहीन, नेत्रहीन, प्रज्ञाचक्षु, सूर, सूरदास
अंधेर:- अंधेरखाता, अनीति, अन्याय, धाँधली, नाइंसाफ़ी, बेइंसाफ़ी
अंश:- अंग ( 👆 ), अवयव, खंड, टुकड़ा, भाग, हिस्सा
अकड़:- ऐंठ, गर्व, ढिठाई, घमंड, दंभ, दर्प, शेखी
अकस्मात्:- अकस्मात्र, अचानक, अनायास, औचक, एकदम, तत्काल, तत्क्षण, सहसा
अकह:- अकथनीय, अनिर्वचनीय, अवर्णनीय
अकाज:- अड़चन, कार्यहानि, बाधा, विघ्न, बिगाड़, हर्ज
अकाट्य:- अकाट, दृढ़, मज़बूत
अकाम ( तत्सम):- इच्छाहीन, कामहीन, कामना-रहित, कामना-हीन, निस्पृह
अकाम ( तद्भव ):- काम-रहित, निष्प्रयोजन, व्यर्थ
अकाय:- अशरीरी, देहहीन, शरीर-रहित
अकारण:- कारण-रहित, निष्प्रयोजन, बिना कारण, बेमतलब, बेवजह, व्यर्थ
अकारथ:- अकारत, अनुपयोगी, निष्फल, बेकार, लाभरहित, व्यर्थ
अकाल:- अनाहार, दुर्भिक्ष, दुष्काल, भुखमरी, सूखा
अकाल:- अशुभ समय, असमय, कुकाल, कुसमय, बुरा समय, दुष्काल
अकादमिक:- अकादमी सम्बन्धी, विद्या-विषयक, विद्या-सम्बंधी, शैक्षणिक, शैक्षिक
अकिंचन:- कंगाल, गरीब, दरिद्र, दीन, निर्धन
अकृषित:- अकर्षित, अकृष्ट, परती खेत
अकेतन:- खानाबदोश, बेघर, यायावर
अकेला:- अनन्य, एकमात्र, एकाकी, केवल, तनहा
अक्रूर:- करुण हृदय, कोमल हृदय, दयालु, दयावान्, सहृदय,
अक़्ल:- ज्ञान, बुद्धि, समझ
अक्षत:- अक्षुण्ण, अखंडित, अस्पृष्ट, पूरा, संपूर्ण, समूचा
अक्षम:- अशक्त, असमर्थ, क्षमताहीन, क्षमता-रहित, लाचार
अक्षय:- अक्षय्य, अखूट, क्षयहीन, क्षय-रहित, अनश्वर, अविनाशी
अक्षर:- मोक्ष, वर्ण, शिव, ब्रह्म, आत्मा, आकाश, नित्य, अविनाशी, अपरिवर्तनशील, अच्युत, स्थिर
अक्षरजननी:- कलम, लेखनी
अक्षवार:- अखाड़ा, मल्लयुद्ध-स्थल, मल्लशाला, रंगभूमि, रंगशाला, व्यायामशाला
अक्षुण्ण:- अक्षत ( 👆 ), अखंडित, पूरा, समूचा
अखंड:- अविभक्त, पूरा, पूर्ण, समग्र, समूचा, सम्पूर्ण, सारा
अखंड:- अबाधित, निर्बाध, निर्विघ्न, बाधारहित, व्यवधानरहित
अख़बार:- न्यूज़, पत्र, पत्रिका, पेपर, समाचार-पत्र
अखरोट:- अक्षोट, अक्षोड़
अखाड़ा:- अक्षवार ( 👆 )
अखिल:- निखिल, पूरा, पूर्ण, संपूर्ण, समग्र, समस्त, सारा, सार्व
अगज:- शिलाजीत, पर्वतीय जड़ी-बूटी, पर्वतीय औषधि, पहाड़ी औषधि
अगजा:- पार्वती ( 👇 )
अगणित:- अगणनीय, अनगिनत, असंख्य, बेशुमार
अगति:- दुरवस्था, दुर्गति, दुर्दशा, बुरी दशा
अगम:- अगम्य, अथाह, दुर्गम, दुर्बोध
अगम:- अचल, स्थावर { १. पर्वत 🏔👇, २. वृक्ष, पेड़ 🌳👇 }
अगला:- अग्र, अग्रगामी, अग्रवर्ती, आगामी, आनेवाला, भावी, सामने का
अगहन:- अग्रहायण, मार्गशीर्ष मास
अगाध:- अत्यंत गहरा, अथाह, अतल, अगाह
अगुआ:- अगुवा, अग्रणी, अग्रगामी, नायक, नेता, नेतृत्वकर्ता, प्रधान, मार्गदर्शक, सरदार
अगोचर:- अप्रकट, अव्यक्त, अस्पष्ट, इंद्रियातीत
अग्नि 🔥:- अनल, आग, कषाकु, कृशानु, जातवेद(जातवेदस्), ज्वाला, ज्वलन, पावक, पाथ, भास्वर, दहन, दव , धनञ्जय, धूमकेतु, रोहिताश्व, वायुसखा, वह्नि, वैश्वानर, शिखी, हुतासन, हुतभुक
अग्निकीट:- खद्योत, जुगनू
अग्निकुंड:- यज्ञवेदी, यज्ञकुंड, हवन कुंड, हवन वेदी
अग्रज:- अग्रजन्मा, बड़ा भाई
अघ:- अपवित्र, पाप, पातक
अघाना:- छकना, जी भरना, तृप्त होना, पेट भरना, संतुष्ट होना
अचल:- अडिग, अचल, अटल, अविचल, स्थिर, दृढ़, पक्का
अचरज:- अचंभा, आश्चर्य, विस्मय, हैरानी
अरण्य:- अटवी,कानन,कांतार,जंगल,वन,विपिन
अरविन्द:- कमल ( ☝️ )
अचल:- अद्रि, अडिग, अटल, अविचल, स्थिर, दृढ़, गिरि, नग, शैल, महीधर, पर्वत, पहाड़, भूधर, धराधर, भूभृत, तुंग
अचला:- अवनि, पृथ्वी, धरा, धरणी, वसुधा, वसुन्धरा, धरती, क्षिति, उर्वी, मेदिनी, मही, इला, भू, जगती, भूमि, ज़मीन
अचेत:- चेतनाहीन, बेख़बर, बेहोश, मूर्च्छित, संज्ञाहीन
अच्छा:- आला, उमदा, घणा, चोखा, बढ़िया, भला
अच्छा:- उचित, उपयुक्त, ठीक, दुरुस्त, सही
अच्युत:- अटल, स्थिर
अच्युत:- विष्णु ( 👆 ), परमात्मा
अच्युतांगज:- कामदेव ( 👆 ), मन्मथ
अजंभ:- मेंढक ( 👆 )
अजनबी:- अज्ञात, अनजान, अपरिचित, अपरिचित, ग़ैर, नावाक़िफ़
अजीब:- अजीब, अनूठा, अनोखा, अद्भुत, विचित्र, विलक्षण
अज्ञ:- अज्ञानी, अनजान, ज्ञानरहित, नादान, नासमझ, पागल, मूर्ख
अज्ञानी:- जड़, ज्ञानशून्य, अनजान, अनभिज्ञ, नादान, नासमझ, पागल, मूर्ख, मूढ़
अज्ञातश्मश्रु:- अल्पवय, अल्पायु, जिसकी दाढ़ी-मूँछ अभी न निकली हो
अटकना:- अड़ना, टिकना, ठहरना, रहना, रुकना
अटकल:- अनुमान, अंदाज, अंदाज़ा, कल्पना
अटकाव:- अड़चन, बाधा, प्रतिबंध, रुकावट, रोक, विघ्न
अटल:- अचल ( 👆 ), अडिग, दृढ़, ध्रुव, पक्का, स्थिर
अटारी:- अट्टा, अट्टालिका, ऊँचा भवन, कोठा, छत
अट्टहास:- कहकहा, खिलखिलाहट, ज़ोर की हँसी, ठहाका
अट्टालिका:- उत्तुंग भवन, ऊँचा भवन, बहुमंज़िला भवन, बहुमंज़िली कोठी / इमारत
अठखेली:- क्रीड़ा, खिलवाड़, चुलबुलापन, चोंचला, मस्ती, विनोद
अड़ंगा:- अड़चन, अवरोध, बाधा, रुकावट, हस्तक्षेप
अड़हुल 🌺:- गुड़हल, जपापुष्प, जवापुष्प
अणुभा:- बिजली ( 👇 )
अति:- बहुत, अधिक, ज़्यादा, विपुल
अतिकाय:- दीर्घकाय, बहुत हृष्ट-पुष्ट, बहुत लंबा-चौड़ा, मोटा, विशालकाय, स्थूलकाय
अतिक्रमण:- अतिक्रम, उल्लंघन, पार करना, मर्यादा का उल्लंघन, हद पार करना
अतिगति:- उत्तम गति, मुक्ति
अतिथि:- अभ्यागत, आगंतुक, गृहागत, पाहुना, मेहमान
अतिरिक्त:- अलावा, छोड़कर, न्यारा, फाजिल, फ़ालतू, सिवाय
अतिरिक्त:- अलग, जुदा, न्यारा, भिन्न, पृथक
अतिरेक:- अतिरेकता, अधिकता, अतिशयता, आधिक्य
अतिवृष्टि ☔️ :- अतिवर्षण, अधिक वर्षा, अत्यधिक वर्षा
अतिशय:- अत्यधिक, अधिक, बहुत अधिक, बेहद, बेहिसाब, बेशुमार
अतिशयोक्ति:- अतिशयोक्त, अतिरंजना, बड़बोलापन
अतीत:- गत, गुज़रा हुआ, बीता हुआ, विगत, व्यतीत
अत्यंत:- अतिशय, अत्यधिक, असीम, बेहद, बहुत अधिक
अत्याचार:- अनाचार, ज़्यादती, दुराचार, दुराचरण, दुष्टता
अथाह:- अगाध, अतल, अतिगहरा, बहुत गहरा, सीमा रहित
अदायगी:- चुनाव, चुकती, निपटाव, पटावट, बेबाकी, भुगतान
अदृश्य:- अंतर्धान, ओझल, ग़ायब, तिरोहित, लुप्त
अद्भुत:- अजीब, अनूठा, अनोखा, आश्चर्यजनक, विचित्र, विलक्षण
अद्वितीय:- अकेला, अतुल, अनुपम, अनूप, अनोखा, एकमात्र, बेजोड़
अधम:- निकृष्ट, निम्न, निर्लज्ज, नीच, पतित, पापी, पोच
अधिकता:- आधिकार, बहुतायत, बहुलता, बाहुल्य, प्रचुरता, प्राचुर्य
अधर्म:- पाप, अनाचार, अपकर्म, अनीति, अन्याय, अघ, पातक, गुनाह, कलुष
अनुपम:- अद्भुत, अनूठा, अपूर्व, अद्वितीय, अनोखा, अप्रतिम, अतुल, असदृश, निरुपम, बेजोड़
अपराध:- कसूर, किल्विष, जुर्म, दोष, पाप
अपराधी:- कसूरवार, किल्विषी, दंड्य, दोषी, पापी, मुजरिम, सदोष
अमृत:- अमिय, अमी, सुधा, सोम, सुरभोग, मधु, जीवनोदक, पीयूष,
अश्व:- घोड़ा, तुरंग, बाज, घोटक, हय, सैंधव, रविसुत, स्यंदन*
#बाज - घोड़ा 🐎
#बाज़ 🦅 - शिकारी पक्षी
#स्यंदन - १. रथ, २. अश्व
अज:- अजन्मा, स्वयंभू, ब्रह्म, ईश्वर, आत्मा, जीवात्मा, बकरा, कामदेव, दशरथ के जनक
अन्वेषण:- गवेषण, खोज, जाँच, शोध, अनुसंधान, ढूँढ़ , तलाश
अभिजात्य:- कुलीन, श्रेष्ठ, आर्य, योग्य, विशिष्ट, संभ्रांत
अभिप्राय:- मंशा, तात्पर्य, आशय, उद्देश्य, प्रयोजन, मतलब, गरज, अर्थ, इरादा, नीयत, मूल अर्थ
अर्जुन:- अर्जुन के १० नाम - १. अर्जुन, २. कृष्ण, ३. किरीटी, ४. जिष्णु, ५. धनंजय, ६. फाल्गुनि, ७. विजय, ८. बीभत्सु, ९. श्वेतवाहन, १०. सव्यसाची। अन्य नाम - कृष्णसखा, कृष्णसरथि / कृष्णसारथि, कीशध्वज, कीशकेतु, पार्थ, पृथातनय, पृथाज, कौन्तेय, गुडाकेश, गांडीवधन्वा, गांडीवी, गांडीवधर, गांडीवधारी, चित्रयोधी, बृहनल्ला, परंतप, शिवमल्लक, सुभद्रेश, कर्णजित…
‘आ’
आकाश:- अंतरिक्ष, अनंत, अभ्र, अम्बर, अर्णव*, आसमान, गगन, नभ, व्योम, शून्य, तारापथ, पुष्कर(?), पाथ*, नाक(?), फलक, खगोल, दिव*#दिव* ( १. स्वर्ग, २. आकाश✔, ३. वन, ४. दिन, ५. नीलकंठ पक्षी )
#अर्णव ( १. समुद्र, २. अंतरिक्ष )
#पाथ ( १. जल, २. सूर्य, ३. अग्नि 🔥, ४. आकाश✔, ५. वायु, ६. अन्न )
आग:- अग्नि ( ☝️ )
आनंद:- सुख, चैन, प्रसन्नता, मोद, विनोद, प्रमोद, हर्ष, उल्लास, आह्लाद
आदित्य:- अजंभ, आदित:, अर्क*, उदथ(तत्सम-उदगीथ), कषाकु*, जगत्साक्षी, त्विषांपति(त्विषाम्पति)*, त्विषामोश*, दिन, दिनकर, दिवा, दिवाकर, भानु, भास्कर, भास्वर*, सूर्य, सूरज, प्रभाकर, रवि, दिनेश, दिनमणि, मित्र, मार्तण्ड, सविता, पतंग*, पाथ*, तरणि, अंशुमाली, अंशुमान, मयूखमाली, अंशुहस्त, अंशुधर, अंशुपति, अंशुभर्ता, अंशुभृत्, अंशुत्वामी, केश(?), तमोहर*, हंस
#जातवेद ( जातवेदस् ) { १.अग्नि 🔥✔ २. सूर्य }
#अर्क (१. ज्योति, प्रकाश, किरण, २. सूर्य, ३. आक या मदार)
#कषाकु { १. सूर्य, २. अग्नि 🔥👆 }
#त्विषांपति { सूर्य }
#त्विषामोश { १. सूर्य, २. आक का पेड़ }
#पतंग { १. सूर्य✔, २. नाव👇, ३. टिड्डी(grasshopper), शलभ, ४. फतिंगा/पतिंगा(moth), ५. कनकौआ/कनकौवा, गुड्डी, पतंग (उड़ने वाली जो कागज़ की होती है) ६. गेंद, कंदुक, ७. पक्षी👇 }
#भास्वर { १. दिन, २. सूर्य✔, ३. अग्नि, कृशानु, ४. दीप्ति, ५. चमकदार }
आम:- आम्र, अंब, अमृतफल, सहकार, रसाल, पियम्बु, पिकबन्धु, फलश्रेष्ठ, मधुरासव, मधुद्रम*, पिकप्रिय, पिकवल्लभ, चूत, च्युत, अतिसौरभ
#मधुद्रम { १. महुआ, २. आम्र, आम्र का पेड़ }
आँख:- अंबक, लोचन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, अक्ष, अक्षि, अम्बक, चख, दीदा, ईक्षण, विलोचन, प्रेक्षण
आँगन:- अँगना, अजिर, प्रांगण, सहन
#अजिरा* -दुर्गा
आशीर्वाद:- आशीष, आशीर्वचन, मंगलकामना, शुभकामना
आदरणीय:- पूज्य, पूजनीय, भजनी, भट्टारक, मान्यवर, माननीय, सम्मान्य, सत्करणीय, सम्माननीय, अर्चनीय, वन्दनीय, वन्द्य, प्रणम्य
आकाशगंगा:- स्वर्गनदी, सुरनदी, मन्दाकिनी, नभोनदी, नभगंगा ,सुरदीर्धिका, सुरनिर्झरिणी, गगनापगा, नभःसरित्, आकाशनदी, कहकशाँ, खापगा, आकाशगा, दिव्यसरिता/ दिव्यसरित्, अभ्रगंगा, वियदगङ्गा, सुरस्त्रवंती/ सुरस्तरवन्ती, व्योमगंगा, स्वरापगा
आँसू:- अश्रु, नेत्रनीर, नयनजल, नेत्रजल, नेत्रवारि, नयननीर
आपत्ति:- आपदा, मुसीबत, विपदा, आफत, विपत्ति, दु:ख, क्लेश, विध्न
आपत्ति:- एतराज, उज्र, विरोध, नुक्ताचीनी
#आपत्ति ( १. दुःख, क्लेश, विघ्न; २. विपत्ति, संकट, आफत, ३. कष्ट का समय, ४. जीविकाकष्ट, ५. दोषारोपण, ६. उज्र, एतराज, विरोध )
आडम्बर:- ढोंग, ढकोसला, पाखंड, प्रपंच, दिखावा, ऊपरी बनावट, तड़क-भड़क, टीम-टाम, झूठा-आयोजन
आशय:- प्रयोजन, उद्देश्य, अर्थ, अभिप्राय, तात्पर्य, मतलब, सारांश
#आशय - { १. ठहरने की जगह ( जलाशय ), २. घर, ३. आश्रय, ४. मन, चित्त, हृदय, ५. प्रयोजन, उद्देश्य }
आत्मा:- अक्ष, जीवप्रभा, जीवनप्रभा, जीवात्मा, चेतन तत्त्व, परम तत्त्व, हंस
आहार:- भोजन, खाद्य-पदार्थ, खाद्य-सामग्री, खाना, भक्ष्य-पदार्थ, अशन
#अशनि - १. बिजली ⚡️, गाज, २. अस्त्र
‘इ’
इच्छा:- अभिलाषा, आकांक्षा, उत्कंठा, कामना, लालसा, वाञ्छा, रुचि, तृष्णा, मनोरथ, चाह, मर्जी, स्पृहा, लिप्सा, ख्वाहिश, तमन्ना
इंद्र:- सुरपति, शचीपति, शतमख*, मधवा, शक्र, पुरन्दर, कौशिक, देवराज, देवेन्द्र, अमरपति, मेघपति, सुरेन्द्र, सुरेश, सुरेश्वर, सहस्राक्ष, पर्जन्य, पुरहुत, विबुधेश, वज्रधर, वासव, विडौजा, देवेश, वृत्तहन, शतॠतु, जिष्णु #जिष्णु* {१. विष्णु, २. इंद्र, ३. अर्जुन, ४. सूर्य, ५. वस्तु }
#शतमख { १. इंद्र, २. उल्लू }
इन्द्राणी:- इन्द्रवधू, इन्द्रा, शची, पुलोमजा, मधवानी, ऐंद्री, शतावरी, शक्राणी, पुलोमपुत्री, शाक्री, शक्रपत्नी, मघोनी, इंद्रपत्नी, इंद्रशक्ति, चारुधारा, पूतक्रतायी, श्वेतौही, सुरेंद्रवती, चारुरावा
इंद्रपुरी:- देवपुरी, अमरावती, इन्द्रलोक, देवेन्द्रपुरी, सुरपुर, पूषाभासा, वस्वौकसारा, देवधानी, अमरलोक, स्वर्ग, मंदार
‘ई’
ईश्वर:- अंतर्यामी, अखिलात्मा, अखिलेश, अखिलेश्वर, अज, अधिष्ठाता, कालात्मा, कालाध्यक्ष, दीनानाथ*, भगवान्, भवेश, परमेश्वर, परमात्मा, प्रभु, दीनानाथ, ईश, जगदात्मा, जगदाधार, जगदीश, जगदीश्वर, जगत्प्रभु, जगत्प्राण, जगद्धाता, जतन्नियंता, जगदीश, जगन्नाथ, ब्रह्म, नरोत्तम*, सर्वात्मा
#दीनानाथ ( १. दुखियों का सहायक, २. परमात्मा, ईश्वर )
#नरोत्तम ( १. मनुष्यों में श्रेष्ठ, २. ईश्वर, परमात्मा )
ईमानदारी:- निष्कपटता, निश्छलता, सत्यनिष्ठा, सदाशयता, दयानतदारी, सच्चाई, नेकनीयती, (निष्कैतव=ईमानदार), (शुद्धधी=ईमानदार), वफादारी, रास्तबाजी, अकल्कता
ईर्ष्या:- मत्सर, डाह, जलन, कुढ़न, द्वेष, स्पर्धा, चिढ़, हसद
ईख:- गन्ना, ऊख, रसडण्ड, रसाल, रसद, पैंडी (?...पैंड़ी/ पैड़ी/पैडी), कर्कश, मधुतृण, मधुरस*
#मधुरस ( १. मीठा, २. ईख )
‘उ’
उत्कर्ष:- उन्नति(👇), उन्मेष, उत्थान, अभ्युदय, आरोह, चढ़ाव, उत्क्रमण, उठाव, प्रगति, तरक्की, विकास, बढ़ती, समृद्धि { उन्मेष# १. खुलना (आँख का), २. विकास, खिलना ( उ॰—समस्त चराचर में सामान्य हृदय की अनूभूति का जैसा तीव्र और पूर्ण उन्मेष करुणा में होता है वैसा किसी और भाव में नहीं।—चिंतामणि, भाग २, पृ॰ ५७ ) ३. थोड़ा प्रकाश, थोड़ी रोशनी }
उन्नति:- वृद्धि, समृद्धि, तरक्की, बढ़ती, प्रगति, उत्थान, उत्कर्ष (👆), विकास
उजाड़:-निर्जन, वीरान, जनशून्य, बयाबान, बियाबान, सुनसान, बरबाद, ध्वस्त, खण्डहर, उच्छिन्न*
#उच्छिन्न ( १. कटा हुआ, खंडित; २. उखाड़ा हुआ )
{उज्जवाल(सं०)-उत् + जड़ या जर अथवा उज्ज्वाल > उजार > उजाड़ु }
उपवास:- निराहार, व्रत, अनशन, फ़ाका, लंघन, बुभुक्षित, भूखा
उपासना:- आराधना, भक्ति, पूजा, अर्चना, इबादत, सेवा*
(टहल - सेवा*, शुश्रूषा, खिदमत)
(परिचर्या - १. सेवा*, टहल, खिदमद; २. रोगी की सेवा शुश्रूषा )
उत्साह:- जोश, उमंग, हौसला, साहस, उबाल
उत्सुक:- व्यग्र, आतुर, उत्कंठित, रुझान, रुचि,आतुर, अधीर, आकुल, बेचैन, लालायित, इच्छुक, ( व्याकुल, उद्विग्न )
उपालंभ:- उलाहना, उलाहना, गिला, शिकवा, शिकायत
उल्लू 🦉 :- उलूक, कणाद* कुधि, कुलाल*, द्युक, काकभीरू, वायसान्तक, उरुवा, रुरुआ, लक्ष्मीवाहन, कौशिक, कुचकुचवा, दीहंध*, तमचर ( तमीचर ), शतमख*
उल्लू :- निर्बुद्धि, बेवकूफ, मूर्ख, गधा
#तमचर ( १. निशाचर, २. उलूक )
#दीहंध ( वह जो दिन में देख न सके = उलूक )
#कणाद ( १. वैशेषिक दर्शन के रचयिता एक मुनि, उलूक मुनि, २. सुनार, ३. उल्लू ✔)
#कुलाल (१. उल्लू✔, २. कुम्हार ३. बनमुरगा )
#शतमख ( १. इंद्र, २. उल्लू ✔)
‘ऊ’
ऊँट 🐪 :- लम्बोष्ठ / लम्बौष्ट, महाग्रीव, उष्ट्र, क्रमेलक, वक्रग्रीव, मरुस्थल-जहाज़
ऊँघ:- तंद्रा*, ऊँघाई, झपकी, अर्घनिद्रा, अलसाई, निद्रागम, उनींदा ( उन्निद्र - तत्सम ), विनिद्र, अनिद्र#तंद्रा-थकित, क्लांत, सुस्त
ऊधम:- उद्धम ( तत्सम), उपद्रव, हुल्लड़, हंगामा, धमाचौकड़ी, उत्पात, हल्ला-गुल्ला, शोरगुल, धूम, दंगा-फसाद, दंगा, धक्का-मुक्की, हलचल
ऊँचा:- उच्च, ऊर्ध्व, ऊपर, उन्नत, उत्तुंग, तुंग, बुलंद, शीर्षस्थ
ऊसर:- अनुर्वर, अनुपजाऊ, सस्यहीन, टापड़
‘ऋ’
ऋद्धि:- समृद्धि, सम्पन्नता, वृद्धि, बढ़ती, बढ़ोत्तरी, श्री, लक्ष्मी, सफलता, गौरव, सिद्धि#ऋद्धि नामक औषधि -प्राणप्रदा
#ऋद्धि-सिद्धि ( १. धन-सम्पत्ति व सफलता, २. हर तरह की सफलता )
ऋषि:- मन्त्रद्रष्टा, संत, मुनि, मनीषी, साधु, महात्मा, मन्त्रकार(?)
‘ए’
एकता:- एकरूपता, एकसूत्रता, ऐक्य, अभिन्नता, अभेद, एका, मेलजोल, इत्तिहाद
एकांत:- सुनसान, शून्य, सूना, निर्जन, विजन ( वैजन्य - तत्सम ), शान्त, निर्मक्षिक, सुनिभृत
एकाएक:- अकस्मात्, अचानक, सहसा, एकदम, अनायास, एकबारगी, यकायक, तत्क्षण, तत्काल, बैठे-बिठाए, औचक, अतर्कित, अनचित्ते में, अपंभावित ( ? ), आकस्मिक, यकबयक, औचट में, दैवात्, हठात्, अचिंतित#अपंभावित ( १. आकस्मिक, २. निश्चिंत, ३. बैफिक्र )
एहसान:- अनुग्रह, कृतज्ञता, आभार, उपकार, भलाई, नेकी, कृपा, दया, अनुकंपा, निहोरा,
‘ऐ’
ऐच्छिक:- स्वेच्छाकृत, वैकल्पिक, अख्तियारी, सविकल्प, मनचाहा, पसंद का, स्वैच्छिक
ऐश्वर्य:- वैभव, संपन्नता, समृद्धि, धन, सम्पत्ति, ऋद्धि, श्री, सम्पदा, धन-सम्पत्ति, विभव, विभूति, धन-दौलत, दौलत, भूमा*, हशमत*
#भूमा { (भूमन्) १. अधिकता, बहुत्व, विशालता, प्रचुरता, २. ऐश्वर्य✔, संपत्ति, ३. विराट् पुरुष, ब्रह्म, ४. धरती, पृथ्वी }
#हशमत { १. गौरव, बड़ाई, २. ऐश्वर्य✔ , वैभव }
‘ओ’
ओस:- तुषार, हिमकण, हिमसीकर, हिमबिन्दु, तुहिनकण, खजल*, आकाशसलिल*, रजनीजल*, अन्तरिक्षजल, निशाजल*, शबनम, खवाष्प, रात्रिजल, (अवश्याय/अदश्याय= ओस का तत्सम्...?)#खजल ( १. ओस, २. वर्षा, ३. कोहरा )
#आकाशसलिल ( १. वृष्टि, २. ओस )
#रजनीजल ( १. ओस, २. पाला )
#निशाजल ( १. हिम, पाला, २. ओस )
ओंठ:- ओष्ठ, अधर⬇(नीचे का ओंठ)...सधर ⬆(ऊपर का ओंठ), होंठ, लब, दंतच्छद, रदनच्छद, दन्तवस्त्र, रदपट, शफह,
{विशेष — अधर - १. अंतरिक्ष, २. ओंठ }
ओझल:- अंतर्धान, अदृश्य, लुप्त, गायब, तिरोहित, अलख, अदर्शन, छिपाव, गोपन, निगूहन, तिरोभाव, दुराव, लोप
ओढ़नी:- अंगवस्त्र, अंशुक, उत्तरीय, चुनरी, चुन्नी, चादर, दुपट्टा, स्यालू
‘औ’
और:- एवं, एवम् ( मूल शब्द ), तथा, साथ ही, व
और:- अधिक, ज्यादा, बड़कर
औषधि:- भेषज, ओषधि / औषधि / ओषधी, दवा, दवाई, औषध, दवा-दारू, जड़ी-बूटी