मेरे बारे में :— नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम संतोष सिंह है। मैं प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में रहकर पढ़ाई करता हूँ।
आदर्श :— ऋग्वेद का श्लोक “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” मेरा ध्येय वाक्य है। ठेठ भाषा में कहें तो ‘दिमाग की खिड़की खुली रखो’।
कार्यक्षेत्र :— इस ब्लॉग पर आपको मुख्य रूप से हिन्दी भाषा से संबंधित लेख मिलेंगे।
मेरी रुचि इतिहास, भारतीय सभ्यता और संस्कृति एवं हिन्दी भाषा में रही है।
इस विषय पर मैंने अपनी क्षमतानुसार सरल और सारगर्भित सामग्री प्रस्तुत करने का विनम्र प्रयास किया है।
सम्पर्क :— paritosh.singh1981@gmail.com
आपके सुझाव का स्वागत है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubt or suggestions, please let me know.