चाँदनी:- अंजोरिया, अकल्का, अमृततरंगिणी, उजियारी, कामवल्लभा, कुमुदकला, कौमुदी, चंद्रमरीचि, चंद्रिका, चंद्रज्योति, चन्द्रिमा, चन्द्रगोलिका, चान्द्री, जुन्हाई, ज्योत्सना, ज्योत्स्ना ( शुद्ध वर्त ), जोन्हाई/जुन्हैया ( तत्सम-ज्योत्स्ना ), मुदी, शशिप्रभा, सितयामिनी, सोमकर
चन्द्रमा:- अब्ज, अमति, अमृतदीधिति, अमृतसू, अमृतकर, इंदु, उडुप, ओषधीश, कलानिधि, कलानाथ, कुमुदेश, कांत, कलावान्, कलामृत, कुमुदबन्धु, कुमुदनाथ, कुमुदपति, कुमुदबांधव, कुमुदसुह्रत्, कौमुदीपति, कुमुदिनीपति, क्लेदु, क्षारोदतनय, क्षीरोदनंदन , क्षपाकर, क्षपापति, क्षुधासूति, खचमस, खिदिर, ग्लौ*, चणभृत्, चाँद, चन्द्र, चन्दिर, चित्राचीर, छरयाभृत्, जैवातृक*, ज्योत्स्नेश, तमीपति, तमोनुद, तारापति, तारापीड, तारकेश, तारकेश्वर, तिथिप्रणी, तमोहर*, तुषारकिरण, तुंगी(?), तुगीपति (?), त्रिनेत्रचूडामणि, दक्षजापति, दशवाजी(दशवाजिन्), दाक्षायणीपति*, द्विजराज*, द्विजपत्ति, द्विजपति*, दोषाकर, दशास्य, निशारत्न* (१. चंद्रमा । २. कपूर), नक्षत्रराज, नक्षत्रराज, नक्षत्रनेमि, निधि(?), निशाकर, निशाब्जति, निशानाथ, निशिपति, निशामणि, परिज्ञा, पीयूषू- महा, पक्षधर*, पत्रज(?), पक्षजन्मा(पक्षजन्मन्), पक्षज(?), पर्ब्बधि, पीयूषमहा(पीयूषमहस्-अमृतमय किरणोंवाला अर्थात् चन्द्रमा), मयंक, मृगलांछन, मृगांक, यामिनीनाथ, यामिनीपति, रजनीकान्त, रजनीपति, रजनीश, रजनीकर, रोहिणीश, रोहिणीपति(चन्द्रमा,वसुदेव, वृषभ}, राकापति, राकेश, लक्ष्मीसहज ( सहज=सहोदर, सगा भाई, एक ही साथ उत्पन्न ), विकस, विधु, विभाकर, विश्वस्पा, शशधर*, शशि, शशांक, शीतरश्मि, शीतभानु, शीतमरीचि ( १. चंद्रमा, २. कपूर ), तमोहर*, शशभृत् ( १. चंद्रमा २. कपूर ), श्वेतद्युति, शुभ्रांशु, शर्वरीश, श्वेतवाहन, श्वेतवाजी{ (श्वेतवाजिन्)१. सफेद घोड़ा, २. चंद्रमा, ३. अर्जुन, ४. कपूर)}, समुद्रनवनीत ( १. अमृत, २. चंद्रमा ), सारंग, सिप्र, सिंधुजन्मा*, सुधाकर, सुधांग, सुधानिधि, सुधाधर, सुधाधार, सुधांशु, सिंधुनंदन, सोम, हरि(?), हिमकर, हिमांशु, हिमद्युति, हरिणांक ( १. चन्द्रमा, २. कर्पूर)
#अंभोज { १. कमल, २ कपूर, ३. चन्द्रमा, ४. शंख )...
# जैवातृक {१. कपूर, २. चंद्रमा, ३. औषध, ४. किसान, ५. पुत्र, ( जैवातृकी- दीर्घायु ) }...
#ग्लौ {१. चंद्रमा, २. कपूर, ३. पृथ्वी }...
#द्विजराज / द्विजपति { १. ब्राह्मण, २. चंद्रमा, ३. कपूर, ४. गरुड़, ५. श्रेष्ठ ब्राह्मण }...
#शशधर{ १. चंद्रमा, २. कपूर, कर्पूर }...
#क्षपाकर{ क्षपा=रात्रि, क्षपाकर-१. चंद्रमा, २. कपूर } ...
#दोषाकर { दोषा=रात्रि/रात} ...
#शीत- रश्मि { शीतरश्मि -१. चंद्रमा, २. कपूर } ...
#श्वेतवाहन { १. चंद्रमा, २. अर्जुन का एक नाम, ३. समुद्र का मकर, ४. शिव का एक रूप या मूर्ति, ५. कपूर ६. हरिवंश के अनुसार} ...
#अमति { १. समय, काल; २. चंद्रमा, ३. आकार, ढाँचा; ४. अभाव, ५. बुरा या निकृष्ट व्यक्ति, ६. अज्ञान, ८. अदूरदर्शिता, ९. संज्ञाहीनता, १०. कुटिल } ...
#पक्षधर { १. पक्ष का आदमी, तरफदार; २. पक्षी, ३. चंद्रमा, ४. समूह से भटका हुआ हाथी } ...
#सिंधुजन्मा { १. चन्द्रमा, २. सेंधा नमक } ...
#दशास्य{ १. दशमुख / रावण, २. चन्द्रमा } ...
#दाक्षायणीपति { १.चन्द्रमा, २. शिव } ...
#तमोहर { १. चंद्रमा, २. सूर्य, ३. अग्नि, ४. ज्ञान ५. अंधकार दूर करनेवाला, ६. अज्ञान दूर करनेवाला } ...
#तमोनुद{ १. ईश्वर, २. चंद्रमा, ३. अग्नि }...
चंद्रहास:- तलवार ( ☝️ )
चतुर:- अंटीबाज, उपाधिक, कपटी, कुशल, कूट, कूटच्छदमा (कूटच्छद्मन्), कुहन, काँइयाँ, कटकना, चंट(तत्सम-चण्ड), चगड़, चाँइयाँ, चालाक, चालबाज, छटैल, छली, छतीसा, छादि्मक, छित्वर, जर्द, जुलबाज, ठग(स्थग), ढंगी/ढंग, ढोंग/ढोंगी(?), तिकड़मी, दक्ष, दगाबाज/दगाबाजी, धूर्त, नटखट, नागर, निपुण, नौसरिया, पचकल्यानी, पटु, पुरफन, प्रपंचबुद्धि, प्रमत, प्रवीण, प्रतारक, फरेबी, फ़ैलसूफ़, भँडेरियापन, भँडेरी, मक्कार, मुतफन्नी, मुफ्तरी, वंचक, वक्रधी, वक्रगति, वक्रगामी, विज्ञ, विदग्ध, विवंचिषु / विवञ्चिषु, विप्रलंभी (विप्रलम्भिन्), व्यवहारकुशल, शीलगुप्त, शय्याद, सयाना, सोखा, होशियार, हिपोक्रिट
चपला:- चंचला*, कौंधा, क्षणप्रभा, तड़ित, दामिनी*, घनज्वाला, घनदाम, घनवल्ली, बिजली, बिजुरी(❓), बीजुरी(✔), विद्युत्, सौदामिनी, ह्रदिनी*
चतुर:- अंटीबाज, उपाधिक, कपटी, कुशल, कूट, कूटच्छदमा (कूटच्छद्मन्), कुहन, काँइयाँ, कटकना, चंट(तत्सम-चण्ड), चगड़, चाँइयाँ, चालाक, चालबाज, छटैल, छली, छतीसा, छादि्मक, छित्वर, जर्द, जुलबाज, ठग(स्थग), ढंगी/ढंग, ढोंग/ढोंगी(?), तिकड़मी, दक्ष, दगाबाज/दगाबाजी, धूर्त, नटखट, नागर, निपुण, नौसरिया, पचकल्यानी, पटु, पुरफन, प्रपंचबुद्धि, प्रमत, प्रवीण, प्रतारक, फरेबी, फ़ैलसूफ़, भँडेरियापन, भँडेरी, मक्कार, मुतफन्नी, मुफ्तरी, वंचक, वक्रधी, वक्रगति, वक्रगामी, विज्ञ, विदग्ध, विवंचिषु / विवञ्चिषु, विप्रलंभी (विप्रलम्भिन्), व्यवहारकुशल, शीलगुप्त, शय्याद, सयाना, सोखा, होशियार, हिपोक्रिट
चपला:- चंचला*, कौंधा, क्षणप्रभा, तड़ित, दामिनी*, घनज्वाला, घनदाम, घनवल्ली, बिजली, बिजुरी(❓), बीजुरी(✔), विद्युत्, सौदामिनी, ह्रदिनी*
#चपला { १. बिजली, विद्युत्; २. लक्ष्मी ३. जिह्वा ४. दुश्चरित्र स्त्री ५. चपल, चंचल }...
#चंचला { १. बिजली, विद्युत् २. लक्ष्मी }...
#दामिनी { १. बिजली, विद्युत् , २. बिंदी या बिंदिया -स्त्रियों का एक शिरोभूषण }
#ह्रदिनी { १. नदी, २. बिजली }
चाँदी:- कलधौत*, परिक{ खराब चाँदी, खोटी चाँदी (सुनार) }, दुरबरन ( दुर्वर्ण ), प्रजादान, महाशुभ्र, रंगबीज, रजत, रूपक, रूपा ( तत्सम-रुप्य ), रूप्य, रौप्य, रौष्य, लोहराजक, वह्निभूतिक, हंसाभिख्य, सुबड़ा ( टलही चाँदी, ताँबा मिली हुई चाँदी ), करवल ( जस्ता मिली हुई चाँदी ), तारकूट- तार { (=चाँदी) + कूट(=नकली) चाँदी और पीतल के योग से बनी एक धातु } #कलधौत ( १. चाँदी २. सोना )
#ह्रदिनी { १. नदी, २. बिजली }
चाँदी:- कलधौत*, परिक{ खराब चाँदी, खोटी चाँदी (सुनार) }, दुरबरन ( दुर्वर्ण ), प्रजादान, महाशुभ्र, रंगबीज, रजत, रूपक, रूपा ( तत्सम-रुप्य ), रूप्य, रौप्य, रौष्य, लोहराजक, वह्निभूतिक, हंसाभिख्य, सुबड़ा ( टलही चाँदी, ताँबा मिली हुई चाँदी ), करवल ( जस्ता मिली हुई चाँदी ), तारकूट- तार { (=चाँदी) + कूट(=नकली) चाँदी और पीतल के योग से बनी एक धातु } #कलधौत ( १. चाँदी २. सोना )
#कालधौत - चाँदी या सोने का
चोर:- आखनिक*, आमोषी ( आमोषिन् ), कुम्भिल, कुसुमाल, खनक, खनिल, डाकू, तस्कर, दस्यु, दस्र, परिमोषी (परिमोषिन्), बटमार, भड़िहा, मोषक, मुमुपिपु, रजनीचर, रिक्वा ( रिक्वन् ), रिभ्वा ( रिभ्वन् ), लुटेरा, वन्दिचौर, विलोड़क, विलोप्ता ( विलोप्तृ ), विहर्ता ( विहर्तृ ), सारिक, साहसिक, स्तैन्य, हरिक, हैरिक ...
चोर:- आखनिक*, आमोषी ( आमोषिन् ), कुम्भिल, कुसुमाल, खनक, खनिल, डाकू, तस्कर, दस्यु, दस्र, परिमोषी (परिमोषिन्), बटमार, भड़िहा, मोषक, मुमुपिपु, रजनीचर, रिक्वा ( रिक्वन् ), रिभ्वा ( रिभ्वन् ), लुटेरा, वन्दिचौर, विलोड़क, विलोप्ता ( विलोप्तृ ), विहर्ता ( विहर्तृ ), सारिक, साहसिक, स्तैन्य, हरिक, हैरिक ...
#आखनिक ( १. खनक, २. चूहा, ३. शूकर, ४. चोर, ५. कुदाल )...
#दस्र {१. शिशिर ऋतु, २. गदहा, ३. अश्विनी- कुमार, ४. दो का समूह, जोडा़, ५. दस्यु, लुटेरा, ६. अश्विनी नक्षत्र, ( यौ॰—दस्र देवता = अश्विनी नक्षत्र; दस्रसू = सूर्य की स्त्री ), ७. दोहरा, ८. हिंसा करनेवाला }
चोटी:- चुंदी, चुटिया, चुरकी, तुंग, परकोटि, शिखर, शिखा, शिखापाश, शिरोबिंदु, शीश, शृंग, सानु
छाती:- उर, उरस्थल, वक्ष, वक्षप्रांत, वक्ष:स्थल, सीना, हृदयस्थान, हृदयस्थल, हृदयस्थान, स्तन* चूचुक*, हृदय, मन, चित्त, साहस*, हिम्मत*, उदस्थल (❓),
#छाती- छादिन् { (= आच्छादन करनेवाला ) / छादी - (छादक, आवरणकारी, आच्छादन करनेवाला) }
चोटी:- चुंदी, चुटिया, चुरकी, तुंग, परकोटि, शिखर, शिखा, शिखापाश, शिरोबिंदु, शीश, शृंग, सानु
छाती:- उर, उरस्थल, वक्ष, वक्षप्रांत, वक्ष:स्थल, सीना, हृदयस्थान, हृदयस्थल, हृदयस्थान, स्तन* चूचुक*, हृदय, मन, चित्त, साहस*, हिम्मत*, उदस्थल (❓),
#छाती- छादिन् { (= आच्छादन करनेवाला ) / छादी - (छादक, आवरणकारी, आच्छादन करनेवाला) }
जनार्दन:- विष्णु ( ☝️ ), कृष्ण ( ☝️ )
जमुना:- अंशुसुता ( अंशु — १. किरण, २. सूर्य✔ ३. वस्त्र), अर्कजा*, कालगंगा ( वह गंगा जिसका रंग काला हो; अर्थात् यमुना नदी ), कालिन्दी ( कलिंद पर्वत से निकली हुई, यमुना नदी ), कृष्णा ( १. यमुना, २. द्रौपदी ), तरणितनूजा, तरणिसुता, तरणितनया, भानुजा, यमी, यमभगिनी, यमुना, रविजा, रवितनया, रविनन्दिनी, सूर्यतनया, सूर्यपुत्री, सूर्यसुता, हंससुता
#अर्कजा ( सूर्य की कन्या अर्थात् यमुना, ताप्ती )
जल:- अंभ*, अमृत, अम्बु, आप, आब, उदक, कीलाल*, जीवन, तोय, नीर, पय, पाथ*, पानी, पुष्कर*, मेघपुष्प, रस, वारि, सलिल, सलिल, अर्ण
#अंभ ( १. जल, २. आकाश, ३. पितृलोक )...
जमुना:- अंशुसुता ( अंशु — १. किरण, २. सूर्य✔ ३. वस्त्र), अर्कजा*, कालगंगा ( वह गंगा जिसका रंग काला हो; अर्थात् यमुना नदी ), कालिन्दी ( कलिंद पर्वत से निकली हुई, यमुना नदी ), कृष्णा ( १. यमुना, २. द्रौपदी ), तरणितनूजा, तरणिसुता, तरणितनया, भानुजा, यमी, यमभगिनी, यमुना, रविजा, रवितनया, रविनन्दिनी, सूर्यतनया, सूर्यपुत्री, सूर्यसुता, हंससुता
#अर्कजा ( सूर्य की कन्या अर्थात् यमुना, ताप्ती )
जल:- अंभ*, अमृत, अम्बु, आप, आब, उदक, कीलाल*, जीवन, तोय, नीर, पय, पाथ*, पानी, पुष्कर*, मेघपुष्प, रस, वारि, सलिल, सलिल, अर्ण
#अंभ ( १. जल, २. आकाश, ३. पितृलोक )...
#कीलाल ( १. अमृत, २. जल, ३. शहद, मधु, ४. पशु , ५. बन्धन-मुक्त करनेवाला, ६. देवताओं का अमृत जैसा पेय पदार्थ, ७. रक्त ? )...
#पाथ ( १. जल, २. सूर्य, ३. अग्नि 🔥, ४. आकाश, ५. वायु, ६. अन्न )...
#पुष्कर (१. जल, २. जलाशय, पोखरा, ३. कमल, ४. नीलकमल )
जीभ:- जबान, जिह्वा, मुखचीरी(?), रसना, रसनेंद्रिय, रसज्ञा*, रसिका, रसीका, रसग्रह, रसमातृका, चंचला, अंत:करण, जबान, आत्मा, रसला, लिसान(?), विखासा(?)
#रसज्ञा ( १. गंगा, २. जीभ )
जीभ:- जबान, जिह्वा, मुखचीरी(?), रसना, रसनेंद्रिय, रसज्ञा*, रसिका, रसीका, रसग्रह, रसमातृका, चंचला, अंत:करण, जबान, आत्मा, रसला, लिसान(?), विखासा(?)
#रसज्ञा ( १. गंगा, २. जीभ )
जीव:- प्राणी, प्राण, चैतन्य, जीवन, प्राणधारी, देहधारी, देही, जीवधारी, जान
जंगल:- अटवी, अरण्य, कानन, कांतार, बयाबान, वन, विपिन, सहरा
जानकी:- अयोनिजा, जगज्जननी*, जनककिशोरी, जनकतनया, जनकनंदिनी, जनकसुता, जानकी, पार्थिवी*, पुण्यश्लोका* भूमिजा, भूमितनया, भूमिपुत्री, भूमिसंभवा ( भूमसम्भावा ), मैथिली, रमा, रामप्रिया, वैदेही, सीता
#जनक + (~सुता, ~तनया, ~नन्दिनी, ~आत्मजा, ~दुलारी...)
#जगत्-जननी = जगज्जननी { १. जगदंबा, २. परमेश्वरी, ३. सीता✔ }
#पार्थिवी { १. ( पृथ्वी से उत्पन्न ) सीता✔ २. उमा, पार्वती, ३. लक्ष्मी }
जंगल:- अटवी, अरण्य, कानन, कांतार, बयाबान, वन, विपिन, सहरा
जानकी:- अयोनिजा, जगज्जननी*, जनककिशोरी, जनकतनया, जनकनंदिनी, जनकसुता, जानकी, पार्थिवी*, पुण्यश्लोका* भूमिजा, भूमितनया, भूमिपुत्री, भूमिसंभवा ( भूमसम्भावा ), मैथिली, रमा, रामप्रिया, वैदेही, सीता
#जनक + (~सुता, ~तनया, ~नन्दिनी, ~आत्मजा, ~दुलारी...)
#जगत्-जननी = जगज्जननी { १. जगदंबा, २. परमेश्वरी, ३. सीता✔ }
#पार्थिवी { १. ( पृथ्वी से उत्पन्न ) सीता✔ २. उमा, पार्वती, ३. लक्ष्मी }
#पुण्यश्लोका ( १. सीता, २. द्रौपदी )
जगत्:- इहलोक, जग, जगती, जहान, दुनिया, भव, भुवन, मृत्युलोक, लोक, विश्व, संसार, सृष्टि
#दु:ख { ~ग्राम, ~लोक, ~सागर = संसार }
जगत्:- इहलोक, जग, जगती, जहान, दुनिया, भव, भुवन, मृत्युलोक, लोक, विश्व, संसार, सृष्टि
#दु:ख { ~ग्राम, ~लोक, ~सागर = संसार }
ज्वालामुखी 🌋 :- अग्निगर्भ, अग्निपर्वत
झण्डा:- अख्तर*, केतु, केतन, चिह्न*, ध्वज, ध्वजा, निशान, पताका, प्रतीनाह, फरहरा, वैजयंती , व्यजा
#अख्तर { १. तारा 👇, २. ध्वज , ३. भाग्य 🌠👇, प्रारब्ध, किस्मत 👉 मुहा॰—अख्तर चमकना = भाग्योदय होना, नसीब खुलना, अच्छे दिन आना }
झरना:- उत्स, चश्मा, जल-प्रपात, झर, झरी(स्त्री०), झर्झर, निर्झर, प्रपात, प्रस्रवण, सरि, सोता, स्रोत
झण्डा:- अख्तर*, केतु, केतन, चिह्न*, ध्वज, ध्वजा, निशान, पताका, प्रतीनाह, फरहरा, वैजयंती , व्यजा
#अख्तर { १. तारा 👇, २. ध्वज , ३. भाग्य 🌠👇, प्रारब्ध, किस्मत 👉 मुहा॰—अख्तर चमकना = भाग्योदय होना, नसीब खुलना, अच्छे दिन आना }
झरना:- उत्स, चश्मा, जल-प्रपात, झर, झरी(स्त्री०), झर्झर, निर्झर, प्रपात, प्रस्रवण, सरि, सोता, स्रोत
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