बुधवार, 1 दिसंबर 2021

पर्यायवाची - अन्तस्थ व्यंजन या अर्द्धश्वर ( य, र, ल, व )

यमुना:- जमुना ( ☝️ ), अंशुमति, अंशुसुता, अर्कजा, कालगंगा, कालिंदी, कृष्णा, तरणितनूजा, तरणिसुता, तरणितनया, भानुजा, रविजा, रवितनया, रविनन्दिनी, सूर्यतनया, सूर्यसुता, हंससुता, यमी, यमभगिनी, श्यामा, सूर्यपुत्री 

 

यम:- काल, जम, धर्मराज, मृत्युपति, यमराज ( जमराज ), नरदंडधर, सूर्यपुत्र, जीवनपुत्र, जीवनपति, अन्तक, शमन, कीनास, जीवितेश, मत्युपति, यमुनाभ्राता, दंडधर, श्राद्धदेव, भानुसुत, मृत्युदेव, जीवपति, अन्तकारी, अंतकृत, मृत्युराज, दंडभृत

 

याचना:- विनती, निवेदन, प्रार्थना, विनय, अर्ज़, माँगना, अनुरोध

 

युवक:- युवा, तरुण, जवान, युवान, नौजवान / नवजवान, नवयुवक, केड़ा

 

युवती:- तरुणी, यौवनवती, प्रमदा, रमणी, सुन्दरी, श्यामा, किशोरी, नवयौवना, नवोढ़ा, नवयुवती, प्राप्त-यौवना, पीवरी

#प्रमदा - ( १. रूपवती युवती, २. पत्नी )

#नवोढ़ा - ( १. नवयुवती, २. नवविवाहिता, ३. लज्जाशील नायिका )

 

यामिनी:- अक्ता, रात्रि, रात, निशा, रजनी, राका, विभावरी, रैन, शर्वरी, त्रियामी, क्षणदा, यामि, यामवती, यामा, यामिका, निशि, निशीथ, रैनि, क्षपा, तमी, तमिस्र, तमवती, तमस्वती, तमा

 

याम:- दिनाँक, प्रहर, पहर

 

युद्ध:- रण, जंग, समर, लड़ाई, संग्राम, युध्म, टक्कर, भिड़ंत, मुक़ाबला, मुठभेड़, सामान

 

युद्धभूमि:- रणक्षेत्र, रणस्थल, समरभूमि, समरांगण, युद्धक्षेत्र, रण का मैदान, युद्ध-प्रदेश, युद्ध-भूमि, युद्ध-मैदान, युद्धरंग, रणभूमि, युद्धस्थल, रणांगण

 

रचना:- कृति, सृजन, सृष्टि

 

रस:- सार, तत्त्व, सत्त, निचोड़, मूलअंश, सारांश, निष्कर्ष, सार-वस्तु, सूप, अर्क़*, जूस, शोरबा, जलीय अंश, अरक, सत्व, असली तत्त्व, मूल तत्त्व

 

रसना - ज़बान, जिह्वा, जीभ, रसेन्द्रिय, रसीका, रसनेन्द्रिय, जबाँ, ज़ुबान, रसिका, चपला

 

रमणी:- औरत, नारी, भामा, वामा, वनिता, स्त्री, रमण्या, जनाना, महिला, भामिनी, भामी, कामिनी, ललना, ललिता

 

रविवार:- इतवार, आदित्यवार, रविवासर, सूर्यवार, एतवार

#वासर - दिन, दिवस

 

रमा:- लक्ष्मी, पद्मा, श्री, इंदिरा, हरिप्रिया, विष्णुप्रिया, कमला, सिंधुसुता, सिंधुजा, कमलासना, लक्ष्मीकान्ता, ईश्वरी, सवमंगला, भार्गवी, उदधिसुता, अपराजिता, नारायणी, चंचला, चपला, रामा

#लक्ष्मी - ( १. धन-सम्पत्ति, २. शोभा, श्री, ३. विष्णुप्रिया, रमा )

#चंचला - ( १. विद्युत, २. लक्ष्मी )

#चपला - ( १. विद्युत, २. लक्ष्मी, ३. जिह्वा )

 

रश्मि:- किरण ( ☝️ )

 

रात:- यामिनी ( ☝️ )

 

राधा:- राधिका, वृषभानुजा, वृषभानुजा, वृषभानुदुलारी, ब्रजरानी, राधारानी, हरिप्रिया, सर्वेश्वरी, वृंदा

#राधा - ( १. वैशाख पूर्णिमा, २. प्रीति, प्रेम, अनुराग, ३. वृषभानुजा, श्रीकृष्णप्रिया )

#वृंदा - ( १. तुलसी, २. राधाजी )

 

रामचन्द्र - रघुबर, रघुपति, राघव, रघुनन्दन, सीतापति, अवधेश, पुरुषोत्तम, रघुबीर, मर्यादा पुरुषोत्तम, दशरथ नंदन, कमलनयन, कौशल्या नंदन, खरारि, कोसलेन्द्र, श्रीरंग, जानकीनाथ, रनारमण, अवधिपति, रमेश, रघुनायक

 

राशि:- पुंज, ढेर, समूह, अटाला

 

रिहाई:- मुक्ति, छुटकारा, मोक्ष, छुट्टी, उन्मोचन, मोचन, आज्ञादी, विमुक्ति

 

रावण:- दशानन, दशकंठ, दशवदन, दशकंधर, दशशीश, दशमुख, दशग्रीव, लंकेश, लंकाधिपति, दैत्येन्द्र

 

राजा:- नरेन्द्र ( ☝️ ), भट्टारक

 

राका:- पूर्णिमा, पूनो, पूर्णमासी, पूनरे, पौर्णमी, पूनम, पौर्णमासी

 

रूख:- पेड़ ( ☝️ ), वृक्ष

 

लक्ष्मण:- अनंत, रामानुज, लखन, शेष, सौमित्र, शेषावतार, उर्मिलेश, सुमित्रानन्दन

 

लक्ष्य:- ध्येय, उद्देश्य, ठिकाना, मंज़िल, निशाना, गंतव्य, मुक़ाम, पड़ाव

 

लघु:- छोटा, हल्का ( हलका ), थोड़ा, न्यून, कम, क्षुद्र

 

लज्जा:- लाज, शर्म, व्रीडा, संकोच, हया, शरम 

 

लक्ष्मी:- रमा ( ☝️ )

 

लता:- वेल, बल्ली, वल्लरी, लतिका


लार:- थूक, राल, लाला, स्यंदनी 

 

लाल:- रक्ताभ, सुर्ख, रक्तिम, अरुण, सूर्य, लोहित

 

लोहा:- अयस, सार, लौह

 

लहर:- तरंग (☝️ ), हिलोर, लहरी, वीचि, उर्मि

 

वक्ता:- वाचक, व्याख्याता, भाषणकर्ता

 

वचन:- उक्ति, कथन, वादा, प्रण, बात

 

वन:- अरण्य ( ☝️ )

 

वक्र:- तिरक्षा, टेढ़ा, तिर्यक, कुटिल, बाँका

 

वक्ष:- छाती, सीना, वक्षस्थल, उदरस्थल, उर, उदस्थल

 

वर:- श्रेष्ठ, उत्तम, मुख्य, सर्वोपरि, प्रधान, उत्कृष्ट

 

वर्ग:- समुदाय, कोटि, सम्प्रदाय, समूह, श्रेणी, जमात

 

वल्लभ:- पति, प्रियतम, प्राणेश्वर, प्राणनाथ, प्रिय

 

वर्षा:- बारिश ( ☝️ ), पावस, बरसात, वर्षाकाल, चौमासा, वर्षाऋतु, बरखा, मेह, वृष्टि, वर्षण

 

वायु:- हवा, पवन ( ☝️ ), समीर

 

विडौजा:- इंद्र ( ☝️ )

 

विधाता:- ब्रह्मा ( ☝️ )

 

विमल:- स्वच्छ, निर्मल, पवित्र, पावन, शुद्ध, विशुद्ध, परिशुद्ध 

 

विमान:- वायुयान, उड़नखटोला, हवाई जहाज़, नभयान

 

विवाह:- अक्द, ब्याह, शादी, परिणय, पाणिग्रहण, उद्वाह, गठजोड़, निकाह, उद्वाहन, प्रतिग्रह, प्रतिग्रहण, हथलेवा

 

विष्णु:- अंबुजाक्ष, अंबुशायी, अग्निज, अपराजित, क्षीरशायी, नारायण, हरि, मुकुंद, चतुर्भुज, गोविंद, जनार्दन, श्रीपति, चक्रपाणि, कमलनयन, कमलापति, लक्ष्मीपति, गरुणध्वज, अच्युत, विश्वम्भर, ऋषिकेश, दामोदर, केशव, माधव, विधु, विश्वरूप, शेषशायी, वनमाली, उपेन्द्र, पीताम्बरधारी, मधुरिपु, यमारि

 

विष:- गरल, ज़हर, माहुर, कालकूट, हलाहल

 

विधवा:- पतिहीना, राँड, अनाथा, बेवा, अधवा, मृतभर्तृका, विधुरा, वितंतु

 

विभा:- चमक, आभा, कांति, प्रभा, शोभा

 

विह्वल:- विक्षुब्ध, आकुल, व्यग्र, व्याकुल

 

वीर्य:- रेता, शुक्र, धातु, जीवन, सार, तेज, बीज

 

वृक्ष:- पेड़ ( ☝️ )

 

वेशभूषा:- पहनावा, परिधान, पोशाक, लिबास

 

वेश्या:- गणिका, रंडी, वारांगना, पतुरिया, रामजनी, मंगलमुखी, सदासुतगिन

 

वैश्य:- बनिया, वणिक, व्यापारी, लाला, आपणिक, सौदागर, पणि

 

व्याध:- बहेलिया, शिकारी, आखेटक, अहेरी, लुब्धक, सैयाद 

 

व्रीडा:- लज्जा ( ☝️ )

 

व्याभिचारिणी:- कुलटा, छिनाल, स्वैरिणी, दुराचारिणी

 

विद्युत:- बिजली ( ☝️ )

 

विधि:- शैली, तरीक़ा, नियम, रीति, पद्धति, प्रणाली, चाल

- कानून 

- ब्रह्मा ( ☝️ )

 

विनाशी:- मरणशील, विनाशशील, अनित्य, मरणधर्मी, नश्वर, विनश्वर

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