पटरानी:- अग्रमहिषी, पट्टदेवी, पट्टरानी, पट्टराज्ञी, पट्टाही, पट्टमहिषी, प्रधान रानी, बड़ी रानी, मलका*, महादेवी* महारानी, राजमहिषी, साम्राज्ञी, महाराज्ञी*, विराज्ञी
#महादेवी { १. दुर्गा 👆, २. राजा की प्रधान पत्नी, पटरानी } #महाराज्ञी { १. दुर्गा, २, महारानी }
पड़ोसी:- आनुवेश्य, उपातिक, उपांतिक ( तत्सम ), प्रतिवासी, प्रतिवेशी, प्रातिवेशिक, प्रातिवेश्य, प्रतिवेश्य, प्रातिवेश्यक, प्रातिसीम, सदेश, सामंतवासी, हमसाया
#आनुवेश्य { १. पड़ोसी, प्रतिवेशी, २. वह पड़ोसी जिसका घर अपने मकान से दाहिने या बाएँ हो, प्रातिवेश्य/प्रतिवेश्य का उलटा }
#प्रातिवेश्य { १. पड़ोस, २. पड़ोसी, ३. वह पडो़सी जिसका द्वार अपने द्वार के ठिक सामने हो, आनुवेश्य का उलटा }
पंडित:- आलिम, कुशल, कोविद, चतुर, जानकार, ज्ञानी, तत्वज्ञ(?), धीमान्, प्रज्ञ, प्रज्ञान, प्रज्ञामय, प्रवीण, बुद्धिमान, बुध, भट्टारक, मनीषी, माहिर, वाग्विदग्ध, विचक्षण, विज्ञ, विद्याधर, विद्याविद्, विद्वान्, विद्वज्जन, शास्त्रज्ञ, शिक्षित, शिक्षित व्यक्ति, सुधी, सभेय, सभोचित, सूरी
पतंगा:- अग्निपंथी, शलभ
पत:- आबरू, इज़्ज़त, प्रतिष्ठा, मान
पतवार:- डाँड़, डाँड़ा, हथवाँस
पति:- अंकशायी, कंत, कांत, खाविंद, घरवाला, जीवनसंगी, नाथ, जीवनसहचर, जीवनसाथी, प्रणयी, प्रतिग्रहीता*, भरतार, भर्ता, वल्लभ, वारयिता, शौहर, स्वामी,
#प्रतिग्रहीता - पति … पतिगृहीता - पत्नी
पत्नी:- अंकशायिनी, अर्द्धांगिनी, औरत, कलत्र, कान्ता, क्षेत्र, गृहदेवी, गृहपत्नी, गृहलक्ष्मी, गृहस्वामिनि, गृहिणी*, घरवाली, घरणी, घरनी, जनि, जाया, जीवनसंगिनी, जीवनसहचरी, जोरू, तिय, तिया, दायिता, दार, दारा, परिणीता, पाणिगृहीता, प्रमदा, प्रणयिनी, प्रतिगृहीता, प्राणप्रिया, प्राणेश्वरी, प्रियतमा, प्रिया, प्रेयसी, बहू, बीबी, भार्या, मेहरारू, मेहरी, मेहर, वल्लभा, वामा, वामांगी, वधू, सहगामिनी, सहचरी, सहचारिणी, सहधर्मिणी
#गृहिणी { पत्नी }...गृहणी { काँजी = १. सिरका में नमक, राई आदि के मिश्रण से तैयार खट्टा पेय पदार्थ, २. मट्ठा , दही का पानी, ३. फटा हुआ दूध }
पवन:- अनिल, नभःप्राण, पवमान*, प्रकंपन*, प्रभंजन*, प्राण*, बयार, मरुत्/मरुद्, मारुत*, मृगवाहन, वात, वायु, समीर, समीरण, हवा
#मारुति = हनुमान, मारुत-सुत
#मारुती = पश्चिमोत्तर दिशा, वायव्य दिशा
#मृगवाहन { १. वायु, पवन, २. स्वाति नाम का नक्षत्र }
पथिक:- पंथी*, पथगामी, पथारोही, बटोई, बटोही, मार्गी, मुसाफिर, यात्रिक*, यात्री, राहचलता*, राहगीर, राही
परशुराम:- जामदग्नय, परशुधर*, भार्गव*, भृगुनंदन*, भृगुनायक, भृगुसुत, रेणुकातनय, रेणुकासुत
पर्वत 🏔:- अग, अचल, अद्रि, अवनिध्र, अवनीधर, कटकी(कटकिन्), कुट्टार, कुध्र(कुधर), क्षितिधर, ग्राव, गिरि, जगतीधर, जीमूत, तुंग, धर, धरणिधर, धरणीधर, धरणीकीलक, धराधर, नग, पहाड़, पृथुशेखर, बंधाकि, भूधर, भूध्र, भूभर्ता, भूभृत, भूमिधर, भूमीध्र, महिधर, महीधर, महीध्र, वसुंधराधर, शिखरी, शृंगी, शैल
पक्षी:- अंडज, अंतरिक्षग, अंतरिक्षगामी, अंबरचर, कीकसमुख, कुलिंग, खग, खचर, खेचर, चिड़िया, चटक, द्विज, द्विजन्मा, द्विजाति, द्युग, नभग, नभगामी, नभचर, नभयात्री, नभश्चर, नभसंगम, नभोग, पंछी, पक्षवाहन, पखेरू, पतंग, परिंदा, विहग, विहंग, शकुन, शकुनक, शकुनि, शकुन्त
पटु:- दक्ष, कुशल, निष्णात
पत्र-पेटिका:- चिट्ठी बक्सा, पत्र-पेटी, पत्र बक्सा, पत्र मंजूषा, पत्र संदूक
पान:- ताम्बूल, नागवल्ली, नागरबेल, पर्णलता, नागिनी पत्र, सप्तशिला ( ? )
प्रभात:- उषा, उषाकाल, अरुणोदय, प्रातः, प्रातःकाल, भोर, तड़का, सवेरा, सहर*
#सहर - प्रातःकाल … सहरा - जंगल, वन, अरण्य
परिणय:- उद्वहन, उद्वाह, उद्वाहन, उपयम, उपयाम, ऊढ़ि, करग्रह, करग्रहण, गँठजोड़, गँठजोड़ा, गँठबंधन, दांपत्य-बंधन, दारकर्म, दारक्रिया, दारसंग्रह, दारपरिग्रह, निर्वेश*, परिग्रह, परिग्रहण,पाणिग्रहण, प्रतिग्रह, प्रतिग्रहण, ब्याह, भार्याग्रहण, विवाह, शादी,
#निर्वेश { १. भोग, २. वेतन, तनखाह, ३. विवाह, ब्याह, शादी✔, ४. मूर्छा, बेहोशी }
परिवार 👪:- कुटुम, कुटुम्ब, कुनबा, कुल*, खानदान, घराना, परिकर*(❓), परिग्रह(👆), परिजन, परिजन समूह, स्वजन, आत्मीय जन
पर्यायवाची:- पर्याय, पर्यायकथन, पर्यायवाचक, पर्याय शब्द, पर्यायी, प्रतिशब्द*, समानार्थक शब्द, समानार्थी
#प्रतिशब्द - १. प्रतिध्वनि, गूँज, २. पर्याय
पल्लव:- अंकुर, अँखुआ, कनखा, कलफा, कल्ला*, किशलय, किसल, किसलय, कोंपल, कोपल, कोमल-पत्ता, गाभा, गोंफा, ढाभ, नया-पत्ता, नवपत्र, नव-पल्लव, पर्ण, पत्र, पत्रक, पत्ता, पत्ती, पात, प्रवाल
#किशलय / किशल - { शुद्ध वर्तनी - किसलय }
#कोपल - { शुद्ध वर्तनी - कोंपल }
पांडुलिपि:- आलेख, खर्रा, पांडुलेख, मसौदा, मसविदा, लिखावट, हस्तलिखित*, हस्तलेख
#मसौदा / मसविदा / मसव्विदा
पारसी:- अग्निपूजक
पार्थ:- अर्जुन ( ☝️ )
पार्वती:- अक्षयिणी, अचलतनया, अजिरा, अपर्णा, अंबा, अंबिका, आर्या, उमा, कालकण्ठी, कालायनी, कुमारी, गिरिजा, गिरिराजकुमारी, गिरिसुता, गौरा, गौरी, जगज्जननी, जगदंबा, जगदंबिका, जगद्गौरी, जगद्धत्री, जगन्माता, दुर्गा(👆), नंदा, नंदिनी, पर्वतनन्दिनी, पार्थिवी, भगवती, भवभामा, भवभामिनी, भववामा, भवानी, भवा, भव्या, भार्गवी, भूधरसुता, महादेवी, मृडा, मृडानी, मैनसुता/मैनासुता, रुद्राणी, विश्वभरणा, शिवा, शैलकुमारी, शैलजा, शैलतनया, शैलपुत्री, शैलसुता, सती, सुध्युपास्या, हेमवती
पुत्र:- अंगज, अपत्य*, आकाशफल* आत्मज*, आत्मजात*, आत्मभू*, इब्न, कुलधर, कुलधारक, जन्य, ढोटा, तनय, तनुज, तनू*, तनूजानि, तनूरूह*, दारक, नंदन*, नंदनक, पूत, फरजंद, बेटा, लड़का, लाल, वीर्यज, सुत, कुक्षिज, सूत*, सून*, सुनु
#सूत { १. पुत्र, २. डोरा, ३. रथकार }… सूतधार - बढ़ई
#सून { १. पुत्र, २. जनन, प्रसव }
पुत्री:- अंगजा, अंगजाता, अपत्य, आकाशफल, आत्मजा, ढोटी, तनया, तनुजा, तनूजा, दुहिता(दुहितृ), धी*, धीया, धीहड़ी, नंदिनी, पुत्रिका, बेटी, लड़की, लली, सुता, कुक्षिजा, सूनू
#धी { १. बुद्धि, अक्ल, समझ, ज्ञान, २. पुत्री, बेटी, लड़की, ३. धैर्यवान }...धीदाता( धी+दातृ ) अर्थात् ज्ञान/बुद्धि देने वाला }
#नंदिनी { १. पुत्री, बेटी, २. दुर्गा👆 ३. उमा👆 }
पूजा:- अर्चना, अर्चा, अभ्यर्चना, आराधन, आराधना, इबादत, उपासना, उपास्ति, परीन्दन, पूजन, राधनी, वंदन, वंदना, वारिवस्या
पूज्य:- अर्चनीय, अर्चमान, अर्च्य, अत्रभवान्, आदरणीय, आराधनीय, आराध्य, उपासनीय, उपास्य, तविष*, तीर्थीभूत, पूजनीय, पूजमान, पूजितव्य, पूज्यपाद(?), मुकर्रम, राध्य, वंदनीय, वंद्य, वंदित, वंदिता, सम्माननीय, सम्मान्य, स्विष्ट
#तविष { १. स्वर्ग, २. समुद्र, ३. व्यवसाय, ४. शक्ति, ५. वृद्ध, महत् , ६. बलवान, दृढ़, बली, ७. पूज्य }
पूर्णिमा:- अंशुमती, पूर्णमासी
प्रज्ञा:- अक़्ल, अन्तर्दृष्टि, अभिज्ञता, आज्ञान, इल्म, खिरद, चित्, चेतना, जानना(?), जानकारी(?), ज्ञप्ति, ज्ञान, धारणा, धिषणा, धी, परिज्ञा, परिज्ञान, प्रज्ञान, प्रतिभा, प्रतिपत्ति, प्रतीति, प्रेक्षा, प्रविचर, प्रविचेतन, बुद्धि, बोध, मति, मनीषा, मेधा, वाकफियत, विज्ञता, विद्या, विपस्, विनान, विज्ञान, विदर्शना, विवेक, समझ, सूझबूझ
पिता:- अंबक, अब्बा, जनक, जनयिता, जनिता, जन्मदाता ( जन्मदातृ ), जन्य, बाप( वप्ता ), बापा, बापू, बाबू, तात, पितृ, प्रसविता ( प्रसवितृ ), बापा, बापू, बाबू, वप्ता, वालिद, वीजी ( वीजिन् )
पृथ्वी:- अग्निगर्भा, अचलकीला, अचला, अदिति, अनंता, अपारा, अवनी(अवनि), इडा,इड़ा(=इडा), इरा, इला, उदधिमेखला, उर्वरा, उर्वी, क्षामा, क्षिति, क्षोणी, क्षौणी, क्ष्मा, गो, गोत्रा, जगती, ज़मीन, ज्या, तोयनीबी, दैत्यमेदजा, धरती, धरा, धरित्री, धरणी, धारणी, धरा, धात्री, निश्चला, पर्वतकीला, पर्वताधारा, पुहुमी, बीजप्रसु, भरतरी, भू, भूतमातृका, भूम, भूमि, मुब्बी(उर्वी), मेदिनी, महि, महिका, मही, रत्नगर्भा, रत्नवती*, रसा, लोकधारिणा, वसुधा, वसुंधरा, वसुमति, वसुमती, विपुला, विला, विश्वधेना, शाश्वती, सुरावनि, सुरावती, सर्वसहा, सहा, सहुरि, स्थिरा
प्रसन्न:- आनंदित, आह्लादित, खुश, प्रफुल्ल, सुमनस्क, हर्षित
प्रसन्नता:- आनंद, आह्लाद, खुशी, प्रफुल्लता, सुमनस, हर्ष
प्रसिद्ध:- नामवर, प्रख्यात, प्रथित, मशहूर, विख्यात, सुश्लोक
प्रिय:- आशना, आशिक, जानेमन, दिलबर, दुलारा, प्यारा, प्रियतम, प्रेमिक, प्रेमी, प्रेय, प्रेयस्, माशूक, लाड़ला, वत्सल, वल्लभ, साजन, प्रेमपात्र, लाल, सजन, जीवेश, लड़ैत, लड़ैता
प्रिया:- जानेमन, दिलबर, दिलरुबा, दुलारी, प्यारी, प्रियतमा*, प्रेमिका, प्रेयसी, प्रिये, माशूका, लाड़ली, वत्सला, वल्लभा, सजनी
प्राची:- पूर्व दिशा, पूरब, पूर्वा
प्रतीची:- पश्चिम दिशा, पश्चिमा
उदीची:- उत्तर दिशा
याम्या:- दक्षिण दिशा
प्राचीन:- प्राक्तन, पुरातन, पुराना, पुराण, पूर्वकालीन, प्राक्कालीन, पूर्वयुगीन, प्राक्युगीन, प्राच्य, पूर्वीण*
#पूर्वीण - १. पुराना, २. पैतृक
प्रशंसा:- अभिस्ताव, अभिस्तुति, सराहना, बड़ाई, तारीफ़, श्लाघा, गुणगान, स्तुति, गुणकथन, गुणवाचन, गुणानुवाद, महिमा, बखान, गुणकीर्तन, स्तव, प्रशस्ति
पार्थ:- अर्जुन ( ☝️ )
पेड़:- वृक्ष, पादप, विटप, तरु, द्रुम, रूख, दरख़्त, शाखी, अगम, गाछ, वनस्पति, उद्भिज, महीरूह, विटपी, नग, अग, कुज, शाल
पथ:- डगर, राह, रास्ता, मार्ग, पंथ, बट, पैंड़, सड़क, व्रज
पथिक:- राहगीर, मुसाफ़िर, यात्री, राही, पंथी, बटोही, पथारोही, पथी, राहचलता, यात्रिक, बटोई, बटाऊ
परिवर्तन:- हेर-फेर, बदलाव, फेर-बदल, अदल-बदल, तबदीली, रद्दोबदल, अदला-बदला, अदला-बदली, परिवर्त, बदल
फणीन्द्र:- अहिनाह ( अहिनाथ ), अहिपति, अहि-राइ ( अहिराज ), उरगराज, उरगाधिपति, द्विसहस्राक्ष*, फणीश, फणीश्वर, फणपति, भुजंगमपति, भुजंगेश, महाहि*, नागनाथ, वासुकी, शेषनाग, सर्पराज, साँपनाथ
#द्विसहस्राक्ष { शेषनाग }
#महाहि { वासुकि नाग }
फणी:- अक्ष, अहि, आशीविष, उरग, कद्रुज, कुंडली, कालसर्प, चक्षुश्रवा, द्विजिह्वा, नाग, पन्नग, पवनाशन, फणधर, फणी, भुजंग, भुजंगम, मणिधर, विलेलय, विषधर, व्याड, व्याल, सरीसृप, सर्प, साँप
फल:- परिणाम, नतीजा, अंजाम
फुनगी:- अंकुर, अँखुआ, कलफा, कली, कल्ला, केड़ा, किल्ला, किसलय, कोंपल, कोपल, कोमल-पत्ता, गर्भपत्र, गाभा, नव-पल्लव, फुनंग, मंजरी, मुकुल
फूल 🌹 :- फुल्ल ( तत्सम ), कुसुम, गुल, पुष्प, पुहुप, प्रसून, मंजरी, लतान्त, सुमन, सुमनस
बलराम:- बल, बलदाऊ, बलदेव, बलभद्र, बलबीर, रेवतीरमण, रोहिणेय / रौहिणेय, श्यामबंधु, सीताधर, सीरपाणि, सीरभृत्, हलधर, हलपाणि, हलायुध, हली
बगीचा:- आराम, उद्यान, उपवन, कुसुमाकर, कुंज, चमन, निकुंज, गुलचमन, गुलशन, पुष्पवाटिका, फुलवारी, बाग़*, वाटिका
बंदर :- कपि, कपीश, कीश, मर्कट, वानर, शाखामृग, हरि
बसंत:- ॠतुराज, ॠतुपति, ॠतुनाथ, कुसुमाकर, बहार, मधु, मधुॠतु, मधुमास, माधव, वसंत, वसंततु, स्मरसख
बहुत:- प्रचुर, अति, पर्याप्त, अमित, अत्यंत, प्रभूत
बाण:- आशुग, इषु, तीर, नाराच, विशिख, शर, शायक, शिलीमुख
बादल:- अभ्र, अम्बुद, अम्भोद, उदधि, घन, जलद, जलधर, जीमूत, नीरद, धारावर, धाराधर, नभचर, नभोदुह, पयद, पयनिधि, पयोद, पयोधर, पयोनिधि, परजन्य ( पर्जन्य ), पर्वताशय, भव, मतंग, मेघ, रजलबाह ( जलवाह ), वर्षक, वर्षाकर / वर्षकर, वर्षाबीज, वातरथ, वारिद, वारिधर, वारिवाही, वार्द ( वार्द्द ), विचित्रदेह, सलिलमुच्
बलिदान:- आत्म-त्याग, आत्मोत्सर्ग, उत्सर्ग, कुरबानी ( कुर्बानी ), जीवनदान, तसद्दुक, त्याग, प्राणोत्सर्ग, प्राण न्योछावर, प्राणाहुति
बालिका 👧 :- कन्या👆
बारिश ☔:- पावस, प्रवर्षण, बरखा, बरसात, मेह, वर्षा, वर्षण, वृष्टि
बियाबान:- उजाड़👆
बुद्धि:- प्रज्ञा ( ☝️ )
ब्रह्मा:- अंभोजजनि, अंभोजजन्म, अंभोजजन्मा, अंभोजयोनि, अज, आत्मभू, अब्जभू, अब्जयोनि, अब्जस्थित, अब्जासन, कमलज, कमलभव, कमलयोनि, कमलासन, करतार, कर्तार, गिरापति, चतुरानन, चतुर्मुख, नाभिज, नाभिजन्मा, परमेष्ठ, पद्मज, पद्मभू, पद्मयोनि, पितामह, प्रजापति, भूतकर्ता ( भूतकर्तृ ), लोकपितामह, लोकेश, वसुनीत, वागीश, वागीश्वर, विखना ( विखनस् ), विधाता, विधि, विरंचि, शतपत्रनिवास, शतपत्रयोनि, सदानंद, सर्वभूतपितामह, सृष्टिकर्ता, स्रष्टा, स्वयंभू, हिरण्यगर्भ, हंसवाहन
बैल:- वृषभ, बलीवर्द, गो, षंड
बिजली:- अचिराभा, क्षणप्रभा, घनवल्ली, घनदाम, चपला, तड़ित, दामिनी, बिजुरी, विद्युत, शंपा, सौदामिनी, ह्रदिनी
बुद्धि:- प्रज्ञा ( ☝️ )
ब्राह्मण:- अग्रजन्मा, द्विज, महीसुर, महीदेव, विप्र
बहन:- भगिनी ( 👇 )
भगिनी:- अग्रजा*, अनुजा, एकजात, जीजी, दीदी, बहन, बहिन, बांधवी, भगिनिका, माँ जाई, यामि, सहोदरा, सोदरा, सगर्भा, सकुक्षि, सगर्भ्य, समानोदर्य, सनाभ
भाँड:- चुत्थल, चुहलबाज, जरीफ़, जोकर(Joker), ठट्ठेबाज, ठठोल, ठठोलबाज़, दिल्लगीबाज़, नर्मद, भांड़, परिहास-प्रिय, प्रहासी ( प्रहासिन् ), मखौलिया, मसखरा, विदूषक, विनोदप्रिय, विनोदी, वेकट, शालक, हँसोड़
भारत:- भारतवर्ष, भारतखंड, आर्यावर्त, इंडिया, हिन्दुस्तान, जम्बूद्वीप, तियन-चू / चुआंतू, यिन-तू ( ✔️ )
भारती :- इला*, गिरा, गोर्देवी, देवी, पुंडरीकसुतसुता, ब्राह्मी, ब्रह्मपुत्री, ब्रह्मसुता, महाशुक्ला, मुखवासिनी, मुखनिवासीनी, वागीशा, वाग्वादिनी, वाणी, वागीश्वरी, वागेश्वरी, विद्या, विद्यादेवी, विद्यावधू, विधात्री, विधातृका, वीणावादिनी, विमला, वेदाग्रणी, वेशभगिनी, श्रुतदेवी, शारदा, श्री, सरस्वती, हंसवाहिनी
भाषा विज्ञान:- शब्द विज्ञान, भाषाशास्त्र, अक्षरशास्त्र
भास्वर:- आदित्य ( ☝️ )
भास्वर:- आभा, आभामय, आभास्वर, उस्त्र, चमकदार, चमकीला, त्विषा, त्विषि, त्वेष, दीप्ति, दीप्तिमान, द्युतिमान्, प्रकाशमान, प्रकाशवान्, प्रदीप्त, भासुर, विदीप्त
भिक्षा:- भीख ( भिक्षा ), मधुकरी, याचक, वृत्ति
#मधुकरी { १. भ्रमरी, २. भिक्षा }
भिक्षुक:- आजीवक, आजीवी ( आजीविन् ), खोंचिया ( खोंची ), चीवरी ( चीवरिन् ), तर्काट, पराशरी ( पराशरिन् ), फ़क़ीर, भिक्षाक, भिक्षार्थी, भिक्षाचर, भिक्षाचरण, भिक्षाचर्य, भिक्षाचर्या, भिक्षाजीवी, भिक्षु, भिखमंगा, भिखारी, भैक्ष, भैक्षाहार, भैक्षाशी, भैक्ष्य, मंगता, मंगन, माँगनेवाला, मुखपच ( मुखम्पच ), याचक, याचमान, याचिता, वसुकृमि, साधयंत( साधयत् ), साधन्त
भीड़:- जनसंकुल, जमघट, जमावड़ा, भीड़-भाड़
भूमिका:- आमुख, प्रस्तावना, उद्देशिका, मुखबंध, प्राक्कथन, लेखकीय
#भूमिका - १. पृष्ठभूमि, २. आमुख
भ्रमर:- अलि, चंचरीक, द्विरेफ, भौंरा, भृंग, मधुकर, मधुप, मधुपायी, मधुभक्षी, मधुराज, मधुलिह, मिलिंद, मधुबामन, षट्पद
मतपेटी:- मत पेटिका, मतदान पेटी, मतदान पेटिका, मत बक्सा, मत संदूक
महादेव:- अर्धनारीश्वर, अर्द्धांगी, आशुतोष, ईश, ईशान*, ईश्वर, उमापति, कपर्दी, कालकंठ, कालनाथ, कैलासनाथ, कैलासपति, गंगाधर, गंगेश, गिरिजानाथ, गिरिजापति, गिरीश*, चंद्रकलाधर, चंद्रचूड़, चंद्रधर, चंद्रमौलि, चंद्रशेखर, जीवितेश्वर, त्र्यंबक, त्रिपुरारि, त्रिलोचन, देवादिदेव, नीलकंठ, पशुपति, पिनाकी, भव*, भूतात्मा, भूतनाथ, भूतभावन, भूतविनायक, भूतेश, भोलेनाथ, मदनरिपु, मदनारि, मन्मथारि, महेश, रुद्र, वामदेव, महेश्वर, शंकर, शंभु, शितिकंठ*, स्मरारि, शिव, हर
{ चंद्र- ( ~कलाधर, ~चूड़, ~धर, ~मौलि, ~शेखर ) }
{ उमा- ( ~नाथ, ~पति ) }
{ त्रि- ( ~चक्षु, ~नयन, ~नेत्र, ~लोचन … ) }
#ईशान - ( १. ईश्वर, २. शिव, ३. पूर्वोत्तर दिशा )
#भव - ( १. शिव, २. संसार, ३. जन्म, उद्भव, ४. बादल, ५. कामदेव )
#गिरीश - ( १. पर्वतराज हिमालय, २. शिव )
#शितिकंठ - ( १. शिव, २. मोर )
#कपर्दिका - दुर्गा, शिवा, भवानी
माँ:- अधिष्ठात्री, अम्मा, अम्माँ, अम्मी, अम्ब, अम्बा, अम्बिका, जननी, जनयित्री, जनि, जनित्री, जनी, जन्मदात्री, जन्मप्रतिष्ठा, जीवनदायिनी, धात्री, प्रसविनी, प्रसवित्री, प्रसू, महतारी, माईं, माई, माता, मातु, मातृ, मातृका, मातरि, मैया
मंदिर:- ईशगृह, देवालय, देवस्थान, देवगृह, देव-थान, देवतागृह, देवकुंड, देवमंदिर, देवागार, चैत्य
#मंदिर - { १. देवालय, २. मकान, ३. विशेष भवन ( विद्यामंदिर ) }
मक्खन:- दधिसार, माखन, नवनीत, म्रक्षण ( तत्सम ), दधिसुत*
#दधि { १. दही, २. उदधि … दधिसुत ( १. चंद्रमा, २. कमल, ३. मक्खन )… उदधिसुत ( समुद्रमंथन के समय निकले १४ रत्न जैसे - चंद्रमा, अमृत, शंख, कमल आदि ) … उदधिसुता ( १. लक्ष्मी, २. द्वारकापुरी, ३. सीप ) }
मधु:- शहद, वसंतऋतु, चैत्यमास, कुसुमासव, मकरंद, पुष्पासव, माक्षिक, शराब, मदिरा, पराग, पुष्परज, पुष्परेणु, पुष्पसार, पुष्पाम्बुज, पुष्पद्रव, पुष्पभव, माध्वीक, माध्वी ( माधवी ), नलद
#मधु ( १. शहद, २. शराब, मद्य, ३. मकरंद, ४. वसंत ऋतु )
मधुमक्खी 🐝 :- ततैया, बर्र, बर्रे, बर्रै, भिड़, भिर्र, मधुकार, मधुप, मधुमक्षिका, मधुमक्षी, हड्डा
मछली:- मीन, मत्स्य, झष, शफर, शफरी, अण्डज, अण्डभव, जलजीवन, जलप्रिय*, जलचर, जलचरी, जलचारी, जलजंतु, जलज
#जलजंतुका - जोंक
#जलप्रिय - ( १. मछली, २. चातक, पपीहा )
मदार:- अकड़आ, अकवन, अकौआ, अक्खा, अर्क, आक
मदिरा:- शराब, सुरा, दारू, मद्य*, वारुणी, आसव, मधु, सोम, मध्वासव, हाला, माध्वीक, मध्विजा, शीधु, गौड़ी, माध्वी ( माधवी ), कादंबरी, मधुलिका, मधूलिका, अरिष्ट, कोहल, नारिकेली, नारियली, मैरेय, ऐक्षव, द्राक्ष, द्राक्षासव, मदना, कादंबरी*
#मद्यप - शराबी
#कादंबरी - ( १. शराब, २. कोकिला, ३. मैना )
#मघुलिका - ( १. गेहूँ से बनी शराब, २. राई, ३. पराग, ४. कार्तिकेय की छः माताओं में से एक )
#मधूलिका - ( १. मूर्वा लता, २. मुलेठी, ३. मधुली नामक गेहूँ से बनी मदिरा )
मार:- कामदेव ( ☝️ )
#मार ( फारसी ) - सर्प ( ☝️ )
मार्ग:- पथ ( ☝️ )
मित्र:- सखा, दोस्त, यार, हमदम, सुहृद, मीत, संगी, साथी, सहचर, सहयोगी, स्नेही, हिमायती
मेघ:- बादल ( ☝️ )
मेंढक- मेढक, मण्डूक, दर्दुर, दादुर, भेक, शालूक, शालु, वर्षाप्रिय*, वर्षाभू
#वर्षाप्रिय - ( १. चातक, पपीहा, २. मेंढक )
मैना:- सारिका, मदन, सारी, चित्रनेत्रा, चित्राक्षी, कलहप्रिय, मदना, रसिका
मोर:- मयूर, शिखी, वर्ही, सारंग, केकी, नीलकंठ, ध्वजी, कलापी, मेहप्रिय, सितापांग, शिखंडी, भुजंगारि, हरि, भुजंगभोजी, भुजंगान्तक, शिव-सुत-वाहन, नर्तकप्रिय, शितिकंठ, बरहा, अहिभक्षी, भुजंगमभुज, भुजंगमभोजी, भुजगांतक, नर्तप्रिय*, कालकंठ*
#नर्तप्रिय ( १. शिव, २. मयूर )
#कालकंठ ( १. शिव, २. मोर, ३. नीलकंठ पक्षी )
मोक्ष:- मुक्ति, छुटकारा, निर्वाण, कैवल्य, परमधाम, अपवर्ग, परमपद, परमगति, सद्गति, अमृतत्व, मोचन, निस्तार, निःश्रेयस, विगम, शम
मार्ग:- पथ ( ☝️ )
मुनि:- यति, यती, अवधूत, संन्यासी, वैरागी, तापस, संत, भिक्षु, महात्मा, साधु, मुक्तपुरुष, त्यागी, तपस्वी, विरक्त, व्रती, योगी, भट्टारक
मृगेंद्र:- शेर ( ☝️ )
मृत्यु:- अंतकर्म, अंतकाल, अंतकृत, देहान्त, प्राणान्त, देहावसान, दिवंगत, स्वर्गवास
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